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10 जरूरी सूचनाएं जो बुढ़ापे में आती है काम

10 जरूरी सूचनाएं जो बुढ़ापे में आती है काम


नमस्कार दोस्तों, दोस्तों आज बात करेंगे बुजुर्गो के लिए जरूरी हेल्थी टीप के बारे में। एक जमाना था जब 60 पर
 करते ही लोगो को मौत का भय सताने लगता था। लेकिन आज कल बुढ़ापे को लोग पूरी मौज मस्ती से एन्जॉय करते है और लंबी जिंदगी जीते है। हर 8 सेकिंड में 10,000 लोग 65 की उम्र मइ पहुँच जाते है और 80 साल से ऊपर तक स्वस्थ्य जिंदगी जीते है। अगर बुढ़ापे में डॉक्टर के पास नही जाना है तो जवानी में ही आपको अपनी जीवनशैली को बदलने का फैसला लेना पड़ेगा। सेहतमंद बुढ़ापे का यही मूलमंत्र है। इसे आपको बरक़रार रखने के लिए स्वास्थ्य आदतों के रूटीन को अगर आप नियमित रूप से जिंदगी भर पालन करते है तो जिंदगी भर बुढ़ापा आपको कभी सताएगा नही। तो दोस्तों आइये जानते है बुजुर्गो के लिए 10 स्वास्थ्य आदतों के बारे में। जिनको यदि बुढ़ापे में लोग अपनाते है तो वो बुढ़ापे में भी स्वस्थ्य और तंदुरुस्त रहेंगे और सकिर्य रहेंगे।



 1.   गतिशीलता बनाये रखे यानि सकिर्य रहे। 
खुद को फिट रखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ करते रहे जिससे आपका मन भी लगा रहेगा और साथ ही स्वस्थ्य भी ठीक रहेगा। शरीर का संतुलन भी बेहतर होगा। इतना ही नही दोस्तों दिल भी सेहतमंद रहेगा शरीरिक मेहनत करने से आपका वजन भी कम रहे और बीमारिया आपसे दूर भागेगी नींद अच्छी भी अच्छी आएगी तनाव भी कम होगा और इससे आप तंदुरुस्त महसूस करेंगे। इसके लिए आप नियमित रूप से व्यायाम और योग करते रहे।

2. नशा और धूम्रपान से दूर रहे
अगर अपने ये कदम सही समय पर उठा लिया तो समझिए बुढ़ापे की जिंदगी खुशहाली में कटेगी। कैंसर, हार्ट अटैक, और हार्ट फ़ैल हो जाने से जितनी भी मौत होती है उनकी सबसे बड़ी वजह नशा है। धूम्रपान करने से चेहरे पर झुर्रिया आने लगती है और त्वचा पर लचीलापन नही रहता है इतना ही नही धूम्रपान से यौनशक्ति भी प्रभावित होती है

3 हेल्थी और पोषक आहार अपनाये
सही मात्रा में अगर आप पोषक आहार ले रहे है तो यह आपको जीवन भर स्वास्थ्य रखेगा। अगर आप अपने खाने की आदत में बदलाव लाते है तो दिल की बीमारी, उच्च रक्तचाप, मधुमेह और ऐसी कई बीमारियों से आप बचे रहेंगे। अमेरिकन मधुमेह संगती ने एक श्रोत से पता लगाया है जहां बुजुर्ग अपने खाने में कई तरह के पोषक आहार का सेवन करते है। वहां पर मौत की दर काफी कम रहती है। बुजुर्गो को फल सब्ज़ी अनाज दाने कम वसा वाले देरी उत्पाद खाने से हार्ट अटैक, कैंसर जैसी कई तरह की बीमारियां बुढ़ापे में परेशांन नही करती है। इससे हड्डी और मांसपेशिया भी मज़बूत रहती है।

4 अपने वजन को नियंत्रित रखे 
ज्यादा वजन होने पर दिल की बीमारी, मधुमेह, रक्तचाप समेत कई बीमारियों का खतरा रहता है।हमेशा अपने बॉडी मास्स इंडेक्स यानि BMI  से यह पता लगाते रहे की आपके शरीर के हिसाब से आपका वजन सही है या नही।

5 गिरने से बचे

उम्र बढ़ने के साथ हड्डियो के कमजोर होने से वजन गड़बड़ा जाता है और गिरने का खतरा बना रहता है। ध्यान रखे की घर की फर्श गीली न हो, कारपेट सही से बिछा हो, बाथरूम में बुजुर्गो के गिरने का खतरा सबसे ज्यादा बना रहता है। बाथरूम और गलियों में लाइट नही होने से अक्सर गिरने की घटनाय इन्ही जगहों पर होती है। एक और खास बात नंगे पैर चलने से गिरने की संभावना सबसे ज्यादा बनी रहती है।बुजुर्गो को ऐसे जूते या चप्पल पहनने चाहिए जिससे शरीर की संतुलन मिलता रहे और सहायता भी मिले।

6 अपनी स्वास्थ्य की जाँच करते रहे

50 की उम्र पार करते ही लोगो को अपने शरीर की जांच करवाते रहना चाहिए । जैसे कैंसर की जाँच, शुगर और रक्त चाप इत्यादि की जाँच करते रहना चाहिए और आपके मसूड़े तथा दांत आपका लंबे समय तक साथ दे इसलिए उनकी अच्छे से देखभाल करते रहना चाहिए। इसके अलावा आपको अपने शरीर के कौसल तथा कुशल शरीर के लिए आपको रोज प्रोटीन फ़ूड का सेवन करना चाहिए वो आपके बुढ़ापे के लिए बहुत ही ज्यादा महात्यपूर्ण है। 50 कि उम्र के बाद लोगो को कैल्शियम की कमी हो जाती है। जिस कारण वह सही से उठ बैठ नही पाते है। क्योंकि उनकी हड्डियों में दर्द होता है। इसलिए हमें अपने शरीर के कैल्शियम का भी ध्यान रखना चाहिए और समय समय पर चेकउप करना चाहिए

7 आँख, कान, और दांत की नियमित जांच कराना

आपके दांत और मसूढ़े अंतिम समय तक आपका साथ देंगे अगर आप इनकी देखभाल करेंगे। नियमित ब्रश करना, मसूडो की सफाई करना हमारी आदत में शामिल होना चाहिए। बावजूद इसके 50 के बाद अगर आपको दांतो की शिकायत होने लगती है तो इसके लिए दांतो का चेकउप रेगुलर कराये। आँखों की रोशनी कम होने लगती है नजदीक की चीज़ें या छोटे अक्षर को देखना मुश्किल हो जाता है। आँखों की नियमित जांच कराये ताकि सही पावर का लेंस आपको दिया जा सके।

8 तनाव को रोकने की कोशिश करे

तनाव बुढ़ापे की सबसे खराब बीमारियों में से एक है। ये आपको अंदर से खोखला कर देती है। तनाव से मुक्ति के लिए आप ध्यान या योग करे। सकारात्मक कार्यो में अपने आपको व्यस्त रखे ताकि कोई टेंशन आपको परेशान ही न करे।

9 दोस्त बनाये और सामाजिक कार्यो में रूचि ले

सकिर्य जिंदगी यानी नोकरी से रिटायर होने के बाद आपको अकेलापन सबसे ज्यादा सताता है। ऐसे में फिट रहने और अकेलेपन को दूर रखने के लिए बुजुर्गो को अपना सामाजिक दायरा बढ़ाना चाहिए। समाज और मोहल्ले में दुःख सुख बाटने के लिए नए नए दोस्त बनाने चाहिए। ताकि वो उनसे अपने विचारो का आदान प्रदान करते रहे और खुश रहे।

10 पूरी नींद ले

60 की उम्र के बाद ज्यादातर  बुजुर्गो को नींद में परेशानी होने लगती है। किसी किसी को अनिंद्रा की शिकायत होने लगती है तो कोई रात में सही से सो नही पाता इस लिए बुजुर्गो को चाहिए की अच्छी नींद लेने की कोशिश करे। इससे आपकी सेहत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ते है।

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