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ग़रीबी से अमीरी का सफ़र "बिल गेट्स"

ग़रीबी से अमीरी का सफ़र
Bill Gates 
जैसे कि आप सब जानते ही होने कि बिल गेट्स हमारी दुनिया के सबसे अमीर लोगो में से एक है और यह दुनिया के सबसे अमीर आदमी भी रहे चुके है पर अब वहा दूसरे नम्बर पर आते है अब हमारी दुनिया का सबसे अमीर आदमी है Jeff Bezos और इनकी दौलत है 112 बिलियन अमेरिकी डॉलर और बिल गट्स कि 90 बिलियन अमेरिकी डॉलर अगर हम इसे इंडियन रूपीस में देखे तो ये होंगे 5800000000000 बिल गेट्स लगभग 1 मिनट में 1500000 रुपए कमा लेते है लेकिन 2017 के दौरान बिल गट्स ही सबसे आगे थे आज हम आपको उनके इस गरीबी के सफ़र से अमीरी तक की दास्तान बताता हूं

इनका जन्म सिएटल वोसिंगतांग यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका  28 अक्टूबर 1955 में हुआ था उनका पूरा नाम है विलियम हेनरी गेट्स उनके पिता का नाम विलियम हेनरी गेट्स सीनियर और उनकी माता का नाम मेरी मैक्सवेल गेट्स था जब बिल गेट्स बड़े हुए तो उनके माता-पिता ने उनका दाखिला लेकसाइड वाले स्कूल में कराया जो कि सिएटल में मौजूद उस समय का सबसे अच्छा स्कूल था और बिल गेट्स स्कूल में बहुत ही इंटेलिजेंट साबित हुए थे वह बहुत अच्छे से पढ़ाई करते थे उन्हें बचपन से ही एक पढ़ने की अलग ही भूख थी वह घंटो घंटो तक अपने पुस्तकों के साथ इनसाइक्लोपीडिया भी पढ़ा करते थे सन 1969 सन 1969 में अपना हाईस्कूल शुरू किया यह वह दौर था जब इंसान पहली बार चांद पर गया था और यह मिशन कंप्यूटर की वजह से ही सफल हुआ था और उसी दौरान सिएटल नाम की एक कंपनी ने अपने कंप्यूटर लेकसाइड वाले स्कूल को दिए बच्चों को सिखाने व समझने के लिए पर बिल गेट्स तो पहले से ही किसी भी चीज को जानने के लिए पहले से ही उत्सुक रहा करते थे फिर बिल गेट्स ने अपना दाखिला कंप्यूटर क्लास में करवा लिया वह कंप्यूटर में काफी रुचि दिखाया करते थे उनको हमेशा यह इच्छा रहती थी कि यह कंप्यूटर काम कैसे करता है इसी वजह से वह अपना अधिकतम समय क्लास में ही बिताते थे और फिर एक दिन बिल गेट्स की मुलाकात पॉल एलन से हुई जो कि बिल से 2 साल बड़े थे वैसे तो उन दोनों के विचार एक दूसरे से मेल नहीं खाते थे क्योंकि एलन बहुत ही शांत और शर्मीले स्वभाव के थे लेकिन बिल गेट्स उनके बिल्कुल ही विपरीत है फिर भी दोनों के प्रति कंप्यूटर रुचि की वजह से वह बहुत अच्छे दोस्त बन गए और उस समय यह कोई सोच भी नहीं सकता था कि यह दोनों मिलकर दुनिया को बदल कर रख देंगे सन 1970 में जब बिल गेट्स 15 साल के थे तब उन्होंने हेलन के साथ मिलकर टैरिफ और नामक एक डाटा बनाया जोकि सटल शहर की यातायात को मापता था और इसके लिए उन्हें पूरे $20000 मिले जो कि इनकी पहली कमाई थी और इसी के साथ बिल गेट्स ने टेक्नोलॉजी की दुनिया में अपना पहला कदम रख लिया था सन 1972 जब 17 साल के थे तो उन्होंने एलन से विचार प्रकट किए कि हम अपनी एक कंपनी खोल लेते हैं लेकिन दिल के माता पिता ने उन्हें मना कर दिया क्योंकि उनके पिता एक वकील थे इसीलिए वह आया चाहते थे कि बिल अपनी पढ़ाई पूरी कर कर कानून की पढ़ाई करें सन 1973 बिल गेट्स ने अपना हाईस्कूल पास किया और उनके परीक्षा में सबसे अच्छे नंबर आए थे वह 1600 से 1590 नंबर लाए थे इस बात से उनके माता-पिता बहुत खुश हुए और उनका दाखिला हावर्ड यूनिवर्सिटी में करवा दिया ताकि वह कानून की पढ़ाई कर सके और बिल गेट्स अपने माता-पिता का मान रखें पढ़ने चले गए लेकिन कानून की पढ़ाई में उन्हें कोई भी ऐसा विषय नहीं मिला जिस में इतनी रुचि मिल सके जो भी उन्हें कंप्यूटर और टेक्नोलॉजी की दुनिया में मिलती थी इसी कारण वह अपना ज्यादा से ज्यादा समय Howard University के कंप्यूटर सेंटर में ही बिताते थे और 1 दिन पहले बिल गेट्स के पास आया और बोला की टेक्नोलॉजी कि दुनिया का हमारा पहला कदम तो अच्छा था पर अब क्या होगा जब भी उन्होंने एक कंपनी के बारे में सुना जो कि मिनी कंप्यूटर को चलाने के लिए एक सॉफ्टवेयर बनाने वाले को ढूंढ रहे थे और फिर उन दोनों ने उस कंपनी से कांटेक्ट किया और कहा कि हम एक देश एक सॉफ्टवेयर पर काम कर रहे हैं जो आपका मिनी कंप्यूटर चला सके उसके बाद उन्होंने हावर्ड यूनिवर्सिटी के अंदर ही 2 महीने बैठकर एक सॉफ्टवेयर बनाया और उसको चेक करवाने के लिए उस कंपनी के पास चले गए जोकि उस कंप्यूटर में इंस्टॉल होने के बाद बहुत ही अच्छे से काम कर रहा था उसके बाद उन दोनों ने ना रुकने का फैसला किया और टेक्नोलॉजी की दुनिया में आगे बढ़ने का अपना इरादा बना लिया 1975 में दोनों ने मिलकर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का निर्माण किया और ऐड रोबोट्स कंपनी के साथ मिलकर काम करने लगे वह कंप्यूटर की इस दुनिया में इतने बिजी हो गए थे कि उन्हें अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी और उन्हें कंप्यूटर की दुनिया में भी बहुत सी परेशानियों का सामना देखना पड़ा क्योंकि कंप्यूटर तो बहुत से लोग खरीद रहे थे लेकिन वह जो सॉफ्टवेयर था वह लोग आपस में बांट लिया करते थे जिसकी वजह से सॉफ्टवेयर से कोई कमाई नहीं हो पा रही थी क्योंकि उन्होंने इस सॉफ्टवेयर को बनाने में बहुत मेहनत की थी तो उन्हें इस बात का बहुत ही बुरा लगता था सन 1976 मैं बिल गेट्स ने एक पत्र जारी किया और लोगों से कहा कि सॉफ्टवेयर को ना खरीदना ऐसा है जैसे आप हमें मना कर रहे हो मैं सॉफ्टवेयर बनाने के लिए लेकिन इस बात का लोगों पर कोई असर नहीं पड़ा और लोग एक दूसरे से सॉफ्टवेयर लेते रहे लेकिन बिल गेट्स की इच्छा तो अपनी कंपनी को यह नंबर वन कंपनी बनाने और नए नए सॉफ्टवेयर बनाने की थी तो वह नहीं रुके वह अपनी मेहनत करते रहे और जरूरत पड़ने पर वह अपनी कंपनी में बनाए गए एंप्लॉयर्स के द्वारा कॉड को भी खुद ही चेक किया करते थे बिल गेट्स की मेहनत की वजह से उनकी कंपनी दिन पर दिन बहुत ही तरक्की कर रही थी वह Apple IBM ऐसी कंपनियों की तरह बहुत नाम कमाने लगी थी और फिर माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी विंडो का अलग-अलग भाषाओं में विस्तार किया और अन्य कंप्यूटर कंपनियों को अपने उत्पादों को बेचना शुरू कर दिया सन 1978 में बिल गेट्स के सॉफ्टवेयर की बिक्री एक मिलियन तक पहुंच गई थी और सन 1978 से लेकर 1981 के बीच इस कंपनी में एक आश्चर्यजनक विकास देखा गया क्योंकि उस कंपनी में पहले तेरा ही लोग काम किया करते थे लेकिन 1981 के दौरान उस कंपनी में 128 लोग हो गए थे सन 1980 सन 1980 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के पास एक ऐसा मौका आया जिसने उनकी किस्मत पलट कर ही रख दी उस टाइम की सबसे बड़ी IBM कंपनी ने Microsoft यानी बिल गेट्स को अपने नए कंप्यूटर के लिए एक पर्सनल सॉफ्टवेयर बनाने के लिए कहा यह बिल और एलियन के लिए बहुत ही अच्छा मौका था इसलिए उन्होंने IBM के लिए माइक्रोसॉफ्ट एम एस डॉस बनाया और IPL कंपनी ने इस सॉफ्टवेयर का सोर्स कोड $50000 में खरीदना चाहा लेकिन बिल गेट्स बहुत ही चालाक बिजनेसमैन थे वह चाहते थे कि IBM जितने भी कंप्यूटर में हमारा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करके भेजिए उसके साथ माइक्रोसॉफ्ट भी आना चाहिए और अगर वह रिकॉर्ड भेज देते तो उन्हें उस Microsoft को लाने के लिए एक पैसे चुकाने पड़ते उसके बाद कई कंपनी ऐसी आए जिन्होंने IBM से भी सस्ते सस्ते कंप्यूटर मार्केट में बेचे और बिल गेट्स ने उन्हें भी अपने सॉफ्टवेयर भेजें सन 1983 में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का टर्नओवर 4 मिलियन डॉलर से बढ़कर 16 मिलियन डॉलर तक पहुंच गया था क्योंकि उस समय में जितने दुनिया में जितने भी कंप्यूटर थे उनमें से 30% कंप्यूटर में माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का सॉफ्टवेयर चलाया जा रहा था 1983 में एलन को एक गंभीर बीमारी हो गई थी जो कैंसर की श्रेणी में आती है वैसे तो वह 1 साल के अंदर थोड़े-थोड़े ठीक होने लगे थे लेकिन वहां माइक्रोसॉफ्ट में रोजमर्रा के कामों में हिस्सा नहीं ले पा रहे थे इसी कारण उन्होंने अपनी पार्टनरशिप तोड़ दी और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी को छोड़ दिया 1984 मैं आते-आते केवल बिल गेट्स माइक्रोसॉफ्ट कंपनी के मालिक रह गए थे और उनके लगातार प्रयास और मेहनत के कारण सन 1985 में उनकी कंपनी ने 104 मिलियन से भी ज्यादा की बिक्री की उसके बाद सन 1986 में बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट विंडो नामक अपना नया सॉफ्टवेयर लांच किया जिसके अंदर एक अपनी ही नई खूबी थी वह कंप्यूटर को बड़ी आसानी से ऑपरेट कर सकता था एक माउस के जरिए फिर 1986 में बिल गेट्स ने अपनी कंपनी को सार्वजनिक रूप से अपने नाम कर लिया और उसने उन्होंने अपनी कंपनी के स्टॉक बेचना शुरू कर दिए लेकिन उन्होंने अपनी कंपनी के 45% शेयर अपने पास रखे थे जिसकी वजह से वह अरबपति बन गए थे सन 1987 में बिल गेट्स सबसे कम उम्र के अरबपतियों में से एक थे उसके कुछ समय बाद IBM कंपनी ने बिल गेट्स के सॉफ्टवेयर Microsoft दोस्त को अपने एक सॉफ्टवेयर से बदल दिया और अपने इतने बड़े ग्राहक को खोने के बाद भी बिल गेट्स ने हार नहीं मानी और अपनी माइक्रोसॉफ्ट विंडो को और बेहतर बनाने में लग गए 22 मई सन 1990 में बिल गेट्स में अपनी एक नई विंडो निकाली जिसका नाम 3. 0 था और साथ ही साथ बिल गेट्स ने अपनी कंपनी के सॉफ्टवेयर के दाम भी कम कर दिए जिसकी वजह से उनका सॉफ्टवेयर बहुत ही दिखने लगा और IBM का सॉफ्टवेयर ज्यादा चल नहीं पाया सन 1994 में बिल गेट्स ने अपने ही कंपनी में काम करने वाली एक मिलिंडा अरे नामक युवती से शादी कर ली जो बहुत समय से उन्हीं की कंपनी में काम कर रही थी उनकी शादी के कुछ महीनों बाद ही बिल गेट्स की मां की मौत एक गंभीर बीमारी के कारण हो गई थी इसके कारण बिल बहुत दुखी हुए सन 1995 जो कि बिल गेट्स के लिए बहुत ही अच्छा साल रहा इस साल उन्होंने अपनी Windows 95 को लांच किया था सन 1995 में बिल गेट्स अमेरिका में रहने वाले सबसे ज्यादा अमीर व्यक्ति थे उनकी संपत्ति 50 बिलियन डॉलर हो गई थी जो कि आज बढ़ते-बढ़ते 90 मिलियन डॉलर तक हो गई है और दौलत भी नहीं आज उनके पास दो बेटी और एक बेटा भी है और क्या आप जानते हैं इतनी सारी दौलत होने के बावजूद बिल गेट्स ने अपनी वसीहत में या लिखा है कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी दौलत में से 10 बिलियन डॉलर ही उनके बच्चों को दिया जाए और बिल गेट्स से पूछा गया ऐसा क्यों कर रहे हो तो उन्होंने कहा कि मैं अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देना चाहता हूं और मुझे ऐसा लगता है कि मेरी इतनी सारी दौलत जो समाज से आई है और समाज के पास ही वापस जानी चाहिए इतनी दौलत इसका अनुमान लगाना भी मुश्किल है वह किसी के बच्चों के पास नहीं जानी चाहिए वह समाज की अमानत है वह समाज के पास ही रहना चाहिए दोस्तों जो कभी 13 लोगों की कंपनी थी आज लाखों करोड़ों लोगों की कंपनी है
और आज माइक्रोसॉफ्ट विंडो 80% से ज्यादा यूज होने वाली विंडो मानी जाती है और शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि बिल गेट्स को कई अवार्ड से भी सम्मानित किया गया है क्योंकि वह बहुत ही सज्जन प्रिय इंसान है और अपनी दौलत का बहुत सा हिस्सा हुआ दान कर दिया करते हैं इस कारण उन्हें बहुत से अवार्ड भी मिले हैं और 2014 में उन्होंने अपनी कंपनी के चेयरमैन पद से हट कर सत्ययान नडेला को अपनी कंपनी का सीईओ बना दिया जो कि एक भारतीय है और अब बिल गेट्स अपनी पत्नी के साथ मिलकर एक ngo चलाते हैं और वहां बहुत से लोगों की मदद किया करते हैं

यह कुछ बातें जो बिल गेट्स ने कही है
1. अपने आप की तुलना किसी से मत करो अगर आप ऐसा कर रहे हैं तो आप अपनी बेइज्जती कर रहे है 
2. जब आपके पास पैसा होता है तो आप भूल जाते हैं कि आप कौन हैं लेकिन जब आपके पास पैसा नहीं होता है तो संसार भूल जाता है कि आप कौन हैं
3. यदि आप गरीब जन्मे हैं तो यह आपकी गलती नहीं है लेकिन अगर आप गरीब मर रहे हैं तो यह आपकी ही गलती है
4. मैं एक कठिन काम को करने के लिए एक आलसी इंसान को ढूंढ लूंगा क्योंकि आलसी इंसान उस काम को करने के लिए एक आसान सा तरीका ढूंढ लेगा
5. अगर आप अच्छा नहीं बना सकते तो कम से कम ऐसा तो कीजिए क्यों अच्छा  दिख सके

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