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मोनालिसा की तस्वीर एक रहस्य

मोनालिसा की तस्वीर एक रहस्य है और आज हम तुम्हें उस तस्वीर के बारे में कुछ जानकारी देते हैं

दुनिया में बहुत कम ऐसे लोग होते हैं जिनकी कला के लिए उन्हें मरने के बाद भी याद किया जाता है उनमें से एक कलाकार श्री लियोनार्डो डा विंची है इटली के राज्य के दौरान लियोनार्डो डा विंची एक कलाकार एक वैज्ञानिक व खोजकर्ता थे उनको आज तक उनकी प्रतिभा के लिए याद किया जाता है पुराने वृत्तपत्र दर्जी के द्वारा उन्हें सबसे शक्तिशाली व्यक्ति का दर्जा दिया गया है श्री लियोनार्डो डा विंची का जन्म 15 अप्रैल 1452 इटली के एक शहर विंची नामक शहर में हुआ था असल में श्री लियोनार्डो डा विंची मैं उनका नाम नहीं विंची उनके जन्म स्थान का स्थल है और जैसा कि आप लोग सब जानते हैं लियोनार्डो विंची के नाम से लेकर उनकी मृत्यु तक सब रहस्य है इसलिए आज हम उनकी सबसे मशहूर पेंटिंग मोनालिसा का कुछ रहस्य आपको बताने जा रहे हैं

दुनिया में जो सबसे मशहूर और सबसे रहस्य में पेंटिंग है वह मोनालिसा की पेंटिंग है इस पेंटिंग में दुनियाभर को सोचने पर मजबूर कर दिया है मैं जानता हूं मोनालिसा की पेंटिंग के बारे में सुनते ही आपके मन में बहुत से सवाल उत्पन्न हुए होंगे आज हम आपको उन सभी प्रश्नों के उत्तर जरूर देंगे कहा जाता है कि अलग अलग एंगल से देखने पर मोनालिसा की पेंटिंग में उनकी स्माइल बदलती रहती है और कई जानकारों का कहना है कि उस पेंटिंग में कई राज दफन है मोनालिसा की पेंटिंग को किसी कागज या कपड़े पर नहीं बनाया गया बल्कि उसे एक लकड़ी के टुकड़े पर बनाया गया है और वह लकड़ी आज के समय में स्केटबोर्ड बनाने के काम आती है इस पेंटिंग को 1503 से लेकर 1519 तक बनाया गया था यानी 16 साल तक दा विंची इस पेंटिंग को बना रहे थे परंतु जब तक वह पेंटिंग पूरी होती द विंची का देहांत हो चुका था असल में इस पेंटिंग का नाम मोनालिसा नहीं है यह एक स्पेलिंग मिस्टेक है असल में इस पेंटिंग का नाम है ओएं मोना लिशा इटली में मोनालिसा का मतलब होता है माय लेडी और यहां पेंटिंग फ्रेंच लीडर बोनापार्ट को बहुत पसंद आई थी इस कारण उन्होंने इस पेंटिंग को अपने बेडरुम में टांग दिया था श्री लियोनार्डो डा विंची को अपनी पेंटिंग में से मोनालिसा की पेंटिंग सबसे प्रिय थी और वहां जब भी कहीं बाहर जाते थे तो मोनालिसा की पेंटिंग को अपने साथ लेकर ही जाते थे उन्होंने जब इस पेंटिंग को बनाना चालू किया था जब वह 51 साल के थे

सन 1757 पेरिस के एक म्यूजियम में मोनालिसा की पेंटिंग पाई गई थी परंतु किसी को नहीं पता कि वहां पर इसके उस म्यूजियम में कैसे पहुंची और 21 अगस्त 1912 में वह पेंटिंग उस म्यूजियम से चोरी हो गई और 10 साल बाद वहां पेंटिंग फिर से मिल गई 1951 में एक आदमी ने पेंटिंग पर पत्थर फेंका जिसकी वजह से मोनालिसा की पेंटिंग मैं उल्टे हाथ की कोनी पर एक निशान बना हुआ है मोनालिसा की पेंटिंग के लिए लोवेल म्यूजियम ने एक खास तरीका का कमरा बनाया है जिस का तापमान ऐसा रखा गया है कि वह ललिता की पेंटिंग को खराब ना करें इस कमरे को बनवाने में म्यूजियम ने 50 करोड रुपए खर्च किए हैं यह पेंटिंग एक बुलेट प्रूफ गिलास के अंदर सुरक्षित रखी गई है 14 दिसंबर 1962 में मोनालिसा की पेंटिंग की कीमत 100 मिलियन डॉलर के करीब थी यानी 680 करोड रुपए की और आज के समय में वह पेंटिंग 790 मिलियन डॉलर की है यानी 5380 करोड रुपए की अब आपको मोनालिसा की पेंटिंग के बारे में काफी जानकारी मिल चुकी है अब हम तुम्हें उस के रहस्य बताते हैं श्री लियोनार्डो डा विंची ने कहीं नहीं बताया है कि उस पेंटिंग में जो महिला है वह कौन है उन्होंने अपने किसी भी लिखी रचना में से मोनालिसा के बारे में कुछ भी नहीं बताया है और ना ही कोई जिक्र किया है फिर आखिर में सवाल उठता है कि आखिर मोनालिसा है

कौन सबसे पहले वैज्ञानिक यह कहते थे कि श्री लियोनार्डो डा विंची ने पेंटिंग बनाते समय मदर मैरी को ध्यान में रखा हो उस पेंटिंग में उसने अपनी मां का चेहरा बनाने की कोशिश की होगी कई वैज्ञानिकों का मानना है

श्री लियोनार्डो डा विंची ने उस पेंटिंग में अपने आप को एक महिला के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की है परंतु इनमें से कुछ भी सच नहीं अगर आप उस समय की किसी भी इंसान को देखें तो मोनालिसा की शक्ल उनमें से किसी से नहीं मिलती है तो आखिर में कौन है मोनालिसा इस राज को बताने के लिए हमें आपको श्री लियोनार्डो डा विंची से जुड़ी एक कहानी के बारे में बताना होगा डा विंची के एक घनिष्ठ मित्र ने उन्हें एक पत्र लिखा था जो 2005 में मिला पत्र के अनुसार वह अक्टूबर 1503 में लिखा गया था जब वह पत्र लिखा गया तो लियोनार्डो डा विंची वह किसी और पेंटिंग पर काम कर रहे थे वहां एक फ्रेंच जिया कंडो की पेंटिंग पर काम कर रहे थे और उनकी पत्नी मिसिस कोंडो उस पर एक आदमी ने खुश होकर मिस्टर लियोनार्डो डा विंची को अपनी पत्नी लीजा की पेंटिंग बनाने के लिए कहा था इस पत्र के आधार पर हमें पता लगता है जब यह पत्र लिखा गया था दूसरी लियोनार्डो डा विंची मोनालिसा की पेंटिंग पर काम कर रहे थे पर हम पूरी तरीके से यह नहीं कह सकते हैं कि मोनालिसा की पेंटिंग मिसेज जिया कंडओ लीजा की है वैज्ञानिकों द्वारा यह कहा गया है कि लीजा के हाव-भाव मोनालिसा से मिलते-जुलते नहीं थे 2004 में एक वैज्ञानिक जिसका नाम पास्कल कोठे था उसने मोनालिसा की लेजर लाइट की एडवांस टेक्नोलॉजी से मोनालिसा की पेंटिंग की अलग-अलग लेयर और चेक करके उनकी कई प्लेयर्स को निकाल लिया और ऐसा करने पर जो पता लगा उसने सारी दुनिया को हैरान कर दिया क्योंकि इस प्रयोग से यह पता लगा कि जो पेंट डा विंची ने इस्तेमाल किया था उसकी मोटाई 40 माइक्रोमीटर थी यानी एक बाल से भी ज्यादा पतली उस पेंटिंग में तीन परत है जिसमें मोनालिसा की पेंटिंग के अंदर किसी और इंसान की तस्वीर भी छुपी है पर हैरान करने वाली बात यह है कि वह पेंटिंग लीजा कंडो कि शक्ल से बहुत मिलती जुलती है श्री लियोनार्डो डा विंची ने लीजा की ही तस्वीर बनाई थी लेकिन उन्हें लीजा का चेहरा खास पसंद नहीं था जिस कारण उन्होंने लीजा की तस्वीर को मॉडिफाई करते हुए मोनालिसा की तस्वीर को उसके ऊपर बना दिया जैसा की हमने आपको बताया था कि अलग अलग एंगल से देखने पर मोनालिसा की स्माइल बदलती रहती है सैटेलाइट यूनिवर्सिटी ने अपने कुछ स्टूडेंट वालंटियर्स के साथ मोनालिसा की पेंटिंग के साथ सर्वे किया जिस पर यह निकल कर आया कि मोनालिसा पेंटिंग को दूर से देखने पर वह इस्माइल करती है परंतु केवल जब हम उनके होठों को देखते हैं तो दोनों को डर से वह थोड़ी झुकी हुई लगती है जिस कारण से मनाली जा थोड़ी उदास लगती है श्री लियोनार्डो डा विंची ने इस पेंटिंग को बनाने में एक तकनीक का इस्तेमाल किया है जिसे सोफॉमोटो कहते है इस टेक्निक में किसी आउटलाइन का इस्तेमाल नहीं होता और अगर कोई आउटलाइन होती है तो उसे कई रंगों से मिला दिया जाता है आज तक कोई इंसान इस टेक्निक को इतनी परफेक्ट तकनीक के साथ नहीं कर पाया है जितना श्री लियोनार्डो डा विंची ने किया परंतु बदलती स्माइल का केवल यही है असल में जोर आता है जब हम मोनालिसा की आंखों देखते हैं वहां एक खुशनुमा इंसान की आंखों से मिलती है पर हम मोनालिसा के होठों को देखते हैं तो वह मुस्कुराहट गायब हो जाती है एक एक मैसेज भी है श्री लियोनार्डो डा विंची को मैसेज को छुपाना बेहद ही आता था मोनालिसा की पेंटिंग में मोनालिसा के उल्टे हाथ की तरफ छुपा हुआ एक मैसेज है जब अल्ट्रा हाईएस्ट Microsoft की मदद से पेंटिंग के अलग-अलग भाग को बारीकी से देखा जा रहा था तो तब वहां कुछ अक्षर पाए गए जो श्री लियोनार्डो डा विंची द्वारा उस पेंटिंग में लिखे गए होंगे अगर हम उन अक्षरों को क्रोनोलोजी कली लिखें वह सब लरिस्पोस्ता और सित्रोवती यह सब इटालियन भाषा में लिखे गए है इसका मतलब है द आंसर इन हेयर

 इस पेंटिंग में जो भी रहस्य था उस पर से पर्दा खुलने वाला था क्योंकि अब हमें उस जगह का पता चल गया था जहां इस पेंटिंग का पूरा राज छिपा था जिस राज को पता लगाने के लिए कई लोगों ने कोशिश की पर कोई भी कुछ पता नहीं लगा पाया हाल ही में एक वेबसाइट मैं यहां दावा किया गया था कि मोनालिसा की पेंटिंग में कोई एलियन छुपा हुआ है सुनने में तो दोस्तों बहुत ही अटपटा लगता है एक बार इस पॉइंट को भी बड़े ध्यान से देखते हैं अगर हम मोनालिसा की पेंटिंग को लेफ्ट साइड से किसी मिरर से जोड़ते हैं तो हमें एक एलियन का चेहरा उस तस्वीर में मिल जाता है जो आप स्क्रीन पर देखो तो आपको मिल जाएगा दोस्तों सुनने में तो यह एक बिल्कुल ही मजाक लग रहा है लेकिन दोस्तों एलियन की तस्वीर हमें उस जगह पर मिलती है जहां पर श्री लियोनार्डो डा विंची ने उत्तर होने का प्रमाण दिया है क्या सच है और क्या झूठ यह अभी भी थोड़ा सा रहस्य बाकी रह गया है लेकिन यह सच है कि अगर हम मोनालिसा की पेंटिंग को लेफ्ट साइड से किसी मिरर से जुड़ते हैं तो हमें एक एलियन का चेहरा दिखाई देता है और वहां चेहरा भी ठीक वही दिखाई देता है जहां श्री लियोनार्डो डा विंची ने इटालियन भाषा में यह लिखा है कि उत्तर यहां है ठीक वही हमें एक एलियन का चेहरा दिखाई देता है

दोस्तों आज के लिए इतना ही अगर आपको किसी और विषय पर जानकारी चाहिए या कोई आर्टिकल आपको अटपटा या अलग लगता है जो कि हमारी वेबसाइट पर होना चाहिए तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं हमें आपका पूरा सहयोग चाहिए

धन्यवाद

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