Skip to main content

इंटरनेट वेब कितने प्रकार के होते है

इंटरनेट वेब कितने प्रकार के होते है

दोस्तो आज में आपको बताने जा रहा हूं कुछ ऐसी बात जो कि बहुत कम लोग ही जानते है हम सब जो इंटरनेट चलाते हैं आज में आप सब को उसके बारे में कुछ बताना चाहता हूं
दोस्तो हमारा इंटरनेट है यह तीन भागों में है जिसे हम इन नामों से बोलते है 1) Sarapes wab 2) Deep wab 3) Dark wab  इन नामों को आप सब में से बहुत ही कम लोगो ने सुना होगा आज में अपनी इन तीनों के बारे में बताता हूं।


(1) Sarapes wab यहां वो वेब है को हम लोग चलाते हैं क्युकी दोस्तो हमारा जो वर्ल्ड वाइड वेब यानी (www) जो है वाह तीन भागो में बाटा गया है जिनमे से Sarapes wab सिर्फ 4% ही है यानी दोस्तो जो हम इतना सब कुछ चलते है जैसे फेसबुक,याहू,WhatsApp,tweeter और इतना ही नहीं जो कुछ हम सर्च करते है जो इंटरनेट हमे इतना बड़ा लगता है वो असल में सिर्फ इंटरनेट का 4% ही है

(2) Deep wab यहां एक ऐसा वेब है जिसे हम गूगल पर सर्च नहीं कर सकते है क्युकी यहां गूगल पर इंडेक्स नहीं होती ये कुछ ऐसी वेबसाइट है जिसे सिर्फ़ लिंक द्वारा ही ओपन किया जा सकता है वो भी लॉगिन आई डी के बाद ही हम इस लिंक का प्रयोग कर सकते है क्यों यह थोड़ी गुप्त होती है इनका प्रयोग बैंक,कंपनी और सरकारी निजी कार्य के लिए किया जाता है क्युकी यह बहुत निजी होती है और यह लिंक ओर बिना लॉगिन आई डी के बिना ऑपरेट नहीं कि जा सकती है और ये भी इंटरनेट का लगभग 25% से 30% ही है इसे लोग अपनी निजी एवम् गुप्त जानकारी के लिए इस्तेमाल करते है जैसे किसी भी कंपनी को अपना डाटा स्टोर करना है तो वो यह तो नहीं कर सकती कि किसी एक या दो कंप्यूटर में अपना डाटा स्टोर कर दिया इससे क्या है कि डाटा खराब ओर चोरी होने का डर रहता है इसलिए लोग दीप वेब का इस्तेमाल करके अपनी एक प्राइवेट वेबसाइट बना लेते है और उसे वहा किसी भी कंप्यूटर से ऑपरेट भी कर सकते है



(3) Dark wab इस वेब को लेकर बहुत ही बाते कहीं जाती है कि यह इल्लीगल है और इसे नहीं चलाना चाहिए पर दोस्तो ऐसा कुछ नहीं आप भी इसे चला सकते है यहां एक ऐसा वेब है जिसे आप अपने किसी भी इंटरनेट ब्रोजर से नहीं चला सकते ये किसी भी ब्रोज़र से नहीं चलता जिसका इस्तेमाल हम करते आए है और ना ही ये किसी भी सिम या इंटरनेट एक्सेप्ट करता है क्युकी अगर आप कोई भी वेबसाइट ओपन करने कि कोशिश करते है तो ये अपनी माना कर देगा इसके लिए अपनी एक सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने पड़ेगा जिसे (TOR) कहा जाता है क्युकी ये ही वहा सॉफ्टवेयर है जिसपे हम डार्क वेब कि वेबसाइट को ओपन कर पाएंगे जैसे हम किसी भी वाबसिते को ओपन करते है तो उसके पीछे .in , .com , .co इत्यादि का इस्तेमाल करते है जैसे ही डार्क वेब कि वेबसाइट को ओपन करने के लिए .onion का इस्तेमाल होता है और ये सिर्फ Tor सॉफ्टवेयर से ही ओपन होती है और दोस्तो ये सॉफ्टवेयर भी इल्लीगल नहीं है क्युकी इसका मालिक भी वही है जो गूगल का है मतलब ये पूरी तरह लीगल है डार्क वेब को चलाने के लिए हमें एक VPN लेना पड़ता है जो हमारी पहेचान को छुपाता है क्युकी अगर हम कोई भी चीज सर्च करते है तो वो पहले वीपीएन पर जाएगा फिर उस पर जो हमने सर्च किया है इससे किया होता है कि हमारी पहेचान का पता नहीं लगता अगर हम बहुत सारे VPN लेना चाहे तो हम वो भी के सकते है और फिर अगर हम कुछ सर्च करे तो जो एक VPN से दूसरे VPN और से तीसरे और चोथ पांचवा छटा ऐसे करते करते पहले वे अलग अलग VPN से होता हुआ उस पर पोहोचेगा जो हमने सर्च किया है इससे क्या होता है कि अगर कोई अपनी दुंडना चाहता है तो उसे एक एक VPN से होते हुए सबको देखना पड़ेगा और यह हर 15 मिनट में अपना आईपी एड्रेस बदल देते है तो आपको दूंडना बहुत मुश्किल हो जाता है इस चीज का इस्तेमाल करके ही लोग डार्क वेब कि सहेता है अपना गेर कानूनी काम करते है जैसे ड्रग्स, बंदूके ओर बाम्म इत्यादि यही जितने भी गेर कानूनी काम जो ऑनलाइन लिए जाते है वो डार्क वेब कि सहायता से किए जाते है क्युकी यह किसी को भी दुंड पाना बहुत मुश्किल होता है
         



चेतावनी: आप अगर डार्क वेब को चलाना चाहते है तो आप इसी किसी भी वाबसिट पर का जाए जिसके बारे में आप जानते ना हो क्युकी हैकिंग का खतरा ज्यादा होता है अगर कोई आपके कम्प्यूटर को एक बार हेक कर ले तो वो आपके कंप्यूटर से कुछ भी कर सकता है ओर इल्जाम आप पर आएगा तो अगर इस्तेमाल करे तो बहुत ध्यान से करे
धन्यवाद

Comments

Popular posts from this blog

दुनिया की खतरनाक पाच पर्जातिया

क्या आप सब यह जानते है की हमारी दुनिया में कितनी खतरनाक खतरनाक जीव की प्रजातियां पाई जाती है कुछ जीव तो देखने में बोहोत ही सरल और अच्छे दिखाई देते है पर बोहोत ही खतरनाक होते है तो में कुछ जीवो के बारे में आप सभी को बताता हूं 

1.ब्राजीलियन वेंडिंग स्पाइडर
यहां स्पाइडर साउथ अफ्रीका के घाने जंगल में पाई जाती है और गिनीस बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के अनुसार इस मकड़ी को सबसे ख़तनाक मकड़ी माना जाता है और यह मकड़ी इतनी खतरनाक है यह अपने सिकार की तरफ बड़ी ही तेजी से जाती है और एक ही पल में अपने सीकार का खतामा कर देती है और यह मकड़ी अपने से तीन गुना जायदा बड़े सीकर को भी आसानी से मार देती है इसलिए इस मकड़ी को सबसे ख़तरनाक मकड़ी मानी जाती है.

2. पिराना फिश
इसके ईन नोकीले दातो की वजह से से ही इस मछली का नाम पिराना फिश रखा गया है इस मछली के यह दात किसी बिल्ड से कम नहीं होते है यहां दात इतने पेने होते है कि एक ही वार में किसी भी इन्सान के दो टुकड़े कर सकती है पिराना फिश समुन्दर या बड़ी नदी में बोहोत अधिक मात्रा में पाई जाती है और यह मछली अक्सर झुंड म सीकर करती है और आगर कोई सीकर इनके चुंगुल में फस जाता ह…

ज्ञान की सबसे अच्छी बात

ज्ञान की सबसे अच्छी बात

ज्ञान किसी व्यक्ति या किसी चीज़, जैसे तथ्यों, सूचनाओं, विवरणों या कौशल की परिचितता, जागरूकता या समझ है, जिसे अनुभव, शिक्षा, या सीखने के द्वारा अनुभव या शिक्षा के माध्यम से अधिग्रहित किया जाता है। ज्ञान किसी विषय की सैद्धांतिक या व्यावहारिक समझ को संदर्भित कर सकता है। यह अंतर्निहित (व्यावहारिक कौशल या विशेषज्ञता के साथ) या स्पष्ट हो सकता है (जैसा कि किसी विषय की सैद्धांतिक समझ के साथ); यह कम या ज्यादा औपचारिक या व्यवस्थित हो सकता है। ज्ञान के अध्ययन को महामारी कहा जाता है; दार्शनिक प्लेटो ने प्रसिद्ध रूप से "उचित सत्य विश्वास" के रूप में परिभाषित ज्ञान को परिभाषित किया है, हालांकि इस परिभाषा को अब कुछ विश्लेषणात्मक दार्शनिकों द्वारा उद्धृत किया गया है [उद्धरण वांछित] समस्याग्रस्त होने के कारण गेटियर की समस्याएं अन्यथा प्लैटोनिक परिभाषा की रक्षा करती हैं। हालांकि, ज्ञान की कई परिभाषाएं और सिद्धांतों को समझाने के लिए सिद्धांत मौजूद हैं।

आपकी सबसे प्रिय हिन्दी कविता कौन सी है?

मुझे सबसे अधिक हिंदी की दो कवितायें पसंद है | एक तो पुष्प की अभिलाषा जिसका उल्लेख अनेक उत्तरो में हुआ है, फिर भी मैं नीचे दोबारा लिखती हूँ : चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ, चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ, चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि, डाला जाऊँ, चाह नहीं, देवों के सिर पर चढ़ूँ भाग्य पर इठलाऊँ। मुझे तोड़ लेना वनमाली! उस पथ पर देना तुम फेंक, मातृभूमि पर शीश चढ़ाने जिस पर जावें वीर अनेक - माखनलाल चतुर्वेदी दूसरी कविता हैं, जो बीत गयी सो बात गयी| जीवन में एक सितारा था माना वह बेहद प्यारा था वह डूब गया तो डूब गया अम्बर के आनन को देखो कितने इसके तारे टूटे कितने इसके प्यारे छूटे जो छूट गए फिर कहाँ मिले पर बोलो टूटे तारों पर कब अम्बर शोक मनाता है जो बीत गई सो बात गई जीवन में वह था एक कुसुम थे उसपर नित्य निछावर तुम वह सूख गया तो सूख गया मधुवन की छाती को देखो सूखी कितनी इसकी कलियाँ मुरझायी कितनी वल्लरियाँ